"श्री कृष्ण जन्मोत्सव"
"श्री कृष्ण जन्मोत्सव"
श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर्व की हर तरफ मची हुई धूम है।
हर गली-मौहल्ले मे श्री कृष्ण प्रभु तेरे रूप अनूप है।।
हर तरफ सजी है,भगवन तेरी झांकिया ही झांकिया।
कहीं बना है,कारागार जहां तूने जन्म लिया खूब है।।
मोर मुकुट बिहारी तेरा श्यामल रूप बड़ा ही अद्भुत है।
जो देखे,वो देखता रह जाये,इतना सुंदर तेरा रूप है।।
आधी रात को जन्म लिया,पर एक पल वहां न ठहरा।
तुरंत खुले ताले,वासुदेव जी ने पहुंचाया गोकुल भूप है।।
तू रखे ख्याल सबका,तेरी इच्छा बिन हिले न एक पत्ता।
ब्रह्मांड के पालनहार तेरे बिना क्या छांव,क्या धूप है।।
सबका कल्याण करो,मन भीतर समाये तम नष्ट करो।
आप ही प्रभु हर प्राणी में समाये हुए ज्योति स्वरूप है।।
जो आप नही तन भीतर,फिर तो यह तन जड़रूप है।
जो आपको ध्याते,वो पत्थर भी तैरते सागर पर खूब है।।
