शीर्षक - अजब बहार
शीर्षक - अजब बहार
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भारत की अजब बहार
देखो मेरा देश है सुहाना।
कलकल बहती नदियां प्यारी
ऊंचे पर्वत और पठार।।
जन्म लिया इस धरा पर हमने
यह सौभाग्य हमारा है।
मातृभूमि यह जान से प्यारी
तन मन इस पर वारा है ।।
कितना सुंदर कितना प्यारा
देश का कोना कोना है।
इस मिट्टी का तिलक लगाकर
गोद में इसकी सोना है ।।
