शहीदों को याद
शहीदों को याद
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दुश्मनों के लिए सवाल थे
कल जो शहीद हुए,वो ढाल थे
कभी पूछते नहीं मसरूफियत में हम
वो लोग वहीं खुशनुमा हाल थे।
अब ये मत पूछना कि क्या हुआ
बस कल कुछ शेर शहीद हो गए।
वो हमारी ही देखभाल थे
वो जो भी थे बेमिसाल थे
भारत माँ के वीर पुत्र थे वो
और वो दुश्मनों के काल थे
अब ये मत पूछना कि क्या हुआ
बस कल कुछ शेर शहीद हो गए।
वो रहकर दूर हमसे भी सोहबत दे गए अपनी
मिटाकर देश पे खुद को मोहब्बत दे गए अपनी
जमाने के थपेड़ों में उन्हें भी तुम याद कर लेना
हमारी राहतों पे जो वो राहत दे गए अपनी
अब ये मत पूछना कि क्या हुआ
बस कल कुछ शेर शहीद हो गए।
