शेष है
शेष है
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कुछ परहेज सा करने लगा हूँ
मैं अपने मिज़ाज से कुछ अलग
सा रहने लगा हूँ
अब हर अंदाज़ से कितनों को
सिखाया है मैंने मुस्कुराने का हुनर
यह अलग बात है
कोई मुझे रुला गया वो हर कोई है
या कोई एक है जो कुछ विशेष है
या उसकी कुछ यादें बातें
अब भी इस दिल में शेष है मेरे लिए
यही अवशेष जीने के लिए विशेष है
मेरा बस उसके लिए यही संदेश है
वो ही एकमात्र है जो मेरे दिल का
कलेश है...
