STORYMIRROR

Veena rani Sayal

Others

4  

Veena rani Sayal

Others

शायरी

शायरी

1 min
386


  तड़पती मोहब्बत बेवफाई में फंस

  झनकती है पायल महफिल में जाकर

  खनकते हैं पैयमाने मयखाने में जाकर

  भटकते हैं राही चौराहे पर जा कर

  गिरते ,भटकते इन राहों पर चलकर

  वो खो देते हैं जिंदगी के सहारे ।


 उफान है तूफान है

 सागर की लहरों पर

 डोलती हुई नैय्या की(जीवन)

 दुख - सुख पतवार है ।


 कदम - कदम पर तेरी राह में

 सीना अरमान भरा बिछाया है

ठोकर ही लगा दे तू कभी

इस आस पर दिल ललचाया है ।

  


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Veena rani Sayal