शायरी
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तड़पती मोहब्बत बेवफाई में फंस
झनकती है पायल महफिल में जाकर
खनकते हैं पैयमाने मयखाने में जाकर
भटकते हैं राही चौराहे पर जा कर
गिरते ,भटकते इन राहों पर चलकर
वो खो देते हैं जिंदगी के सहारे ।
उफान है तूफान है
सागर की लहरों पर
डोलती हुई नैय्या की(जीवन)
दुख - सुख पतवार है ।
कदम - कदम पर तेरी राह में
सीना अरमान भरा बिछाया है
ठोकर ही लगा दे तू कभी
इस आस पर दिल ललचाया है ।
