STORYMIRROR

Rajit ram Ranjan

Others

3  

Rajit ram Ranjan

Others

सच में तू इंसान हैं...!

सच में तू इंसान हैं...!

1 min
269

जाति-धर्म,भेद-भाव, छुआ-छूत,ऊँच-नीच, 

किसी को ना मानने वाला, 

तू ही एक जान है,

भूल मत किसी के बहकावे में आकर

सच में तू इंसान है।


धरती पर जो विवेकवान है, 

सबको परख़ने कि जिसमें पहचान है

क्यूँ बन बैठा अंजान है,

जाग,सपनों की दुनिया से बाहर आ, 

देख ख़ुद को,तू ही तो भगवान है,

क्योंकि मेरे दोस्त, 

सच में तू इंसान है।



Rate this content
Log in