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Prem Bajaj

Children Stories

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Prem Bajaj

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रूकना नहीं

रूकना नहीं

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रूठना नहीं, झुकना नहीं, कोई भी आए मुश्किल, डट कर बढ़ते जाना है,

हर मुश्किल का करेंगे मुकाबला मन में हमने ठाना है।


अगर चाहिए फूल तो कांटों को भी स्वीकारना होगा,

कांटे तो फूलों के संग ही मिलेंगे, फिर कांटों से क्या घबराना है।


कश्ती का चप्पु जब तक नहीं चलाएंगे, नदिया से पार कैसे उतर पाएंगे,

चला कर के हिम्मत का चप्पु जीवन की नदिया में कश्ती को पार लगाना है।


मात-पिता का बनेंगे सहारा, देश का बन सिपाही दुश्मन को मार गिराना है,

आस-उम्मीद की नई किरणों से हमें नया सूरज उगाना है।



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