प्यार
प्यार
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आँखों मे उभर आये
तस्वीर बारम्बार है
अंतस फिर पूछे
क्या यही प्यार है?
बिन दीदार चैन न आये
महफ़िल भी जब रास
न आवे
अन्तस फिर दुहरावे
क्या यही प्यार है?
इंतजार में रैन कटे
पल -पल दिल मचले,
ठहरे
पूछें अंतस के पहरे
क्या यही प्यार है?
पलक पांवड़े पथ बिछे
ख़्वाहिश, एक झलक दिखे
अंतस फिर पूछे
क्या क्या प्यार है?
जग सारा बेगाना हो
उनमें ह्रदय समाना हो
अंतस? क्या यही प्यार है।
