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Suresh Sachan Patel

Children Stories

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Suresh Sachan Patel

Children Stories

।।प्यार और जंगल।।

।।प्यार और जंगल।।

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हम  जंगल के वासी हैं।

हम भी प्रेम के विश्वासी हैं।

प्यार हमें भी प्यारा  है।

ये भी अधिकार हमारा है।


दुनिया में सबको प्यार चाहिए।

सबको अच्छा व्यवहार चाहिए।

सबको मीठे मीठे बोल चाहिए।

सुर में बजने वाला ढोल चाहिए।


प्यार में अपने सब बन जाते हैं।

जंगली जन भी अपने हो जाते हैं।

ममता की छाॅ॑व में सब खो जाते हैं।

तब सारे जन अपने ही हो जाते हैं।


प्रेम की भाषा सब जानते हैं।

प्रेम में सबको अपना मानते हैं।

सबसे प्रेम की भाषा बोलो।

प्रेम तराजू में सबको तोलो।


जंगल के वासी भी अपने हैं।

कुछ होते इनके भी सपने हैं।

कभी नहीं इन्हे सताओ तुम।

इन्हें भी अपना बनाओ तुम।



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