STORYMIRROR

Ritu Dahate

Others

4  

Ritu Dahate

Others

प्यार और बारिश

प्यार और बारिश

1 min
366

आज कि पहली बारिश में खुब भीगे

भीग कर भी देख लिया

कि कहीं प्यार मिल जाये

सूखे होंठ भीग जाये कहीं

पर देख लिया 

आंखों फिर एक बार भीग गयी

लेकिन प्यार कि प्यास न मिटी

खो जाना चाहा हमने भी आज कि बारिश में

जैसे खोये है प्यार में खुद को

फिर बारिश भी बोल पड़ी मुझे से

नहीं दे पाऊंगी वो प्यार तुझे

जिसकी चाहत में तू खोयी है

जिसमें तेरी खुशी समायी है..

बारिश भी रो कर बोल पड़ी मेरी तन्हाई पर

तेरा प्यार तेरा ही है

कोई और नहीं दे सकता तुझे उससे ज्यादा प्यार

इस जहां में मांग ले अपना प्यार सदा के लिये

अपनी इच्छा को मत मार यहाँ

भीगा जाने दे उनके ही प्यार में खुद को

मैं भी नहीं भीगा पाऊंगी इतने बरस जाने पर भी....


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन