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RASHI SRIVASTAVA

Others

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RASHI SRIVASTAVA

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परिवार

परिवार

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टूट सी जाती हूं जब भी


परिवार समेटता है मुझको


कामयाब होती हूं जब


अंबर पे चढ़ा देता मुझको


अस्तित्व, प्यार, जीवन मेरा


परिवार बिना मैं कुछ भी नहीं


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