प्रेरणामूर्ति
प्रेरणामूर्ति
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प्रेरणा हो तुम ए जननी
इस जीवन की
जीवन के हर पाठ सिखाती
बचपन में चलना सिखाया
गिरूं तो संभलना सिखाया
अगर कभी मुश्किल भी आये
लड़ने की हिम्मत तू देती
हर आँसू मेरे खुद बहा लेती
प्रेरणा हो तुम ए जननी
इस जीवन की
जीवन के हर पाठ सिखाती
