पराया धन
पराया धन
1 min
248
माना बड़ा सौभाग्य पाया
जन्मी जो जानकी सी काया
कितने आकाश चढ़ लिए
फ़िर बेटियाँ क्यों धन पराया
इतनी मिली सफ़लता
इतना नाम किया रौशन
बदले में प्यार के नाम
मिला ये आश्वासन
के बेटे हर जगह हैं आगे
वो हैं केवल परछाई
इतना करने बावजूद
बेटियाँ हैं क्यों पराई
माँ की कोख से ही जन्मे
हैं सभी पुरुष यहाँ
औरते ही लगती सबको
बोझ सर्व व्याप में हाँ
फ़िर भी धरा पर हैं किराया
बेटियाँ क्यों धन पराया
