पराया धन
पराया धन
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माना बड़ा सौभाग्य पाया
जन्मी जो जानकी सी काया
कितने आकाश चढ़ लिए
फ़िर बेटियाँ क्यों धन पराया
इतनी मिली सफ़लता
इतना नाम किया रौशन
बदले में प्यार के नाम
मिला ये आश्वासन
के बेटे हर जगह हैं आगे
वो हैं केवल परछाई
इतना करने बावजूद
बेटियाँ हैं क्यों पराई
माँ की कोख से ही जन्मे
हैं सभी पुरुष यहाँ
औरते ही लगती सबको
बोझ सर्व व्याप में हाँ
फ़िर भी धरा पर हैं किराया
बेटियाँ क्यों धन पराया
