सुनो प्रिय ! सुनो प्रिय !
मत सुनो उनकी जो यथार्थवादी होने का ढोंग करते हैं। मत सुनो उनकी जो यथार्थवादी होने का ढोंग करते हैं।
जब तेरी दीवानगी का, संदेश आया, फिर कोई बहाना, ना हमने बनाया। जब तेरी दीवानगी का, संदेश आया, फिर कोई बहाना, ना हमने बनाया।
बात अगर विश्वास की मजबूती की है,तो पाखंड क्यूँ? बात अगर विश्वास की मजबूती की है,तो पाखंड क्यूँ?
हर सुबह एक नई रोशनी लेकर आती है। हर कोना हमें अपनी मंजिल की ओर ले जाती है। हर सुबह एक नई रोशनी लेकर आती है। हर कोना हमें अपनी मंजिल की ओर ले जाती है।
मेरे संदेश का देकर ज़वाब, तूने तोहफा भेजा है सनम। मेरे संदेश का देकर ज़वाब, तूने तोहफा भेजा है सनम।