पितृपक्ष
पितृपक्ष
पूर्वजों के आशीर्वाद और दुआओं से
बरसती हम पर ख़ुशियाँ और रहमते
आत्मा जब बुजुर्गो की तृप्त होती
भर देते वो झोली हमारी आशीष से।
बुजुर्गो की खुशी जीवन में उजाला लाती
कायनात सारी मुस्कुराती महकने लगती
उनकी दुआएँ जीवन में आत्मविश्वास देती
राहें हमें सब आसान लगने लगती।
पितृपक्ष के ये श्रद्धापूर्ण पावन दिन
हमारे पूर्वजों की स्मृतियों के दिन
याद करके उनको परम्परा से जुड़ते हम
हमारी जड़ों से हमें जोड़ते ये दिन।
श्राद्ध की परम्परा अविनाशी और सनातन
श्रद्धा से करते हम पूर्वजों से निवेदन
श्राद्ध कर्म करके खुश करते पूर्वजों को
करते हम अपनी संस्कृति का संरक्षण।
काग होता पितृ दूत, पूर्वजों का स्वरूप
हिन्दू धर्म में कहते इसे देव पुत्र
पितृ पक्ष में करते काग को भोजन अर्पण
तभी पूर्ण होता पितरों का तर्पण।
जीवन हमारा संवार कर, चले गए जो संसार से
याद करे और स्वागत करे उन्हे सम्मान से
शामिल हो गए जो पूर्वजों की दुनिया में
नमन करे उन सभी को दिल की गहराई से ।
