ओस
ओस
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ओस
ओस की बूँदे
खूबसूरत लगती
देती हैं ये कटु संदेश
मत गुमान करो अपने रंग का
गौरे मुख के रूप और सौन्दर्य का
पल में झड़ जाएगा ज्यों घास से ओस ।
मोती सी चमकती सुन्दरता की मूरत
पल का भरोसा नहीं जीवन का
कब जीवन लीला समाप्त
नहीं करो गुमान अब
क्षणभंगुर है तन
पल में खत्म
ओस की
बूंद सा।
