ऑनलाइन इंस्पेक्शन....
ऑनलाइन इंस्पेक्शन....
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ना सोचा था कभी,
सोचा ही है अभी।
इतना अच्छा दिन जो गया,
इंद्रधनुष में रंग भर गया।
हर दिन में से यह खास
दिन हो गया,
ना जाने जो कभी सोचा नहीं
वह कैसे हो गया।
ऑनलाइन क्लास ऑनलाइन कंपटीशन
यहां तक तो था ही,
ऑनलाइन इंस्पेक्शन भी हो सकती है
यहां तक तो किसी ने सोचा ही नहीं।
अलग सा लगा नई चीजें सीखी,
पेंसिल से कॉपी में लिखी।
ऑनलाइन इंस्पेक्शन का अलग ही नजारा था,
अलग-अलग स्कूल के
अलग-अलग टीचर जो आए....
उनको भी यह नजारा लगा बहुत प्यारा था।
