STORYMIRROR

Renu Singh

Others

4  

Renu Singh

Others

नृत्यांगना

नृत्यांगना

1 min
645

प्रातः की सूर्य किरण ने

गर्भगृह में किया प्रवेश

पुजारी ने भी देव जागरण का

दिया सन्देश

नृत्यांगना आत्मलीन हो

देव सम्मुख

नृत्य मुद्राओं से करने लगी वंदन

पायल की रुनझुन और मोहक मुद्राओं से कर रही नर्तन

संगीतकार भी देव प्रतिमा सम्मुख बैठ

संगीत की मधुर स्वर लहरी से कर रहा था आराधन

शिल्पकार भी एक छेनी से तराश रहा था पाहन

हृदय जनित भक्ति भावना का

कर रहा था मूर्ति में समर्पण

आश्चर्य से देख रहे थे देव

विराजे गर्भगृह में मन्दिर के

कलाओं की अनुपम

सम्मिलित मधुर रचना

संगीतकार की तान की संगत थी

नृत्यांगना की तिर्यक भंगिमा थी

शिल्पकार की छेनी बना रही थी

उसकी अनुपम प्रतिमा

आलाप रुका नृत्य थमा

रुक गई छेनी की छन छन भी

प्रभु थे अचम्भित

मन्दिर के प्रांगण में

संगीत की लय ताल पर

नृत्यलीन मोहिनी की

देख सुंदर प्रस्तर प्रतिमा ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन