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Gurminder Chawla

Others abstract tragedy


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Gurminder Chawla

Others abstract tragedy


नारी (कविता)

नारी (कविता)

1 min 18 1 min 18

नारी

नारी है तो प्यारी है

प्यारी है इसलिए क्योंकि वो नारी है

माँ की ममता अपार है

बहन है वो गले का हार है

प्रेमिका ही है जिसकी

काया पर दुनिया हमने वारी है

बीबी है जो देखभाल

करती हमारी है

नारी ने हर रूप में

जिंदगी सँवारी हमारी है

यहीं सरस्वती यहीं लक्ष्मी

इसकी महिमा न्यारी है 


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