STORYMIRROR

Ramanpreet -

Others

4  

Ramanpreet -

Others

मुस्कान का नशा

मुस्कान का नशा

1 min
265

हर पल हर शक्स को मुस्कान पाने की चाह है

वो एक मुस्कान जिसमें ज़िंदगी जीने का नशा है


जो माँ के आँचल से लिपटी अठखेलियों में बसा है

बाबा की दुलार भरी हथेलियों में छुपा है


बहन / भाई की प्यारी सी पहेलियों से बना है

आज भी मुझे इस नशे की चाह है

आज भी मुझे इस नशे की चाह है


Rate this content
Log in