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MS Mughal

Others

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मुरली मोहनवा

मुरली मोहनवा

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सज धज आयो, सजन सजनवा 

धन धन भाग मोरे, मन मा मनवा 


तन मन संग बाजे है, मुरली तोरी

बंसी बाजे मधुर, मुरली मोहनवा


प्रीत मा नाचत हूं, मन मोहन मा 

राग बरसे है, राग से राग रसवा


जग जाने है, जगत प्रीत मोरी 

जग मा नाचत हूं, जगत जगतवा 


तोरे नाम से जानत है, सब मोरे

'हसन' नाचत है तोरी संग संगतवा।



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