STORYMIRROR

Priyanka Gupta

Others

3  

Priyanka Gupta

Others

मेरे शहर का शोर

मेरे शहर का शोर

1 min
357

मेरे शहर का शोर 

ना होने देता बोर 

कहीं रात नशे में होती 

कहीं शाम मज़े में होती 

कभी सन्नाटा चारों ओर 

मेरे शहर का शोर 

ना होने देता बोर 


कभी वक्त बितता जाता 

कहीं कोई फिर रुक जाता 

कभी होते ग़म में सराबोर 

मेरे शहर का शोर 

ना होने देता बोर 


कभी पैर में बेड़ी होती 

कहीं क़ैद में बेटी होती 

फिर ना होने देते भोर 

मेरे शहर का शोर 

ना होने देता बोर 


कहीं सुनसान सड़कें होती 

कहीं टूटती परतें होती 

कहीं लूटेरे कहीं चोर 

मेरे शहर का शोर 

ना होने देता बोर 


Rate this content
Log in