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Pooja Kalsariya

Others

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Pooja Kalsariya

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मैं बोझ नहीं हूँ

मैं बोझ नहीं हूँ

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शाम हो गई अभी तो घूमने चलो न पापा

   चलते- चलते थक गई कंधे पर बिठा लो न पापा 

अंधेरे से डर लगता सीने से लगा लो न पापा 

   मम्मा तो सो गई 

आप ही थपकी देकर सुलाओ न पापा

   स्कूल तो पूरी हो गई 

 अब कॉलेज जाने दो ना पापा 

   पाल पोस कर बड़ा किया

अब जुदा तो मत करो न पापा

   अब डोली में बिठा ही दिया तो 

आँसू तो मत बहाओ न पापा

  आपकी मुस्कराहट अच्छी है

एक बार मुस्कराओ न पापा

आप ने मेरी हर बात मानी

एक बात और मान जाओ न पापा 

  इस धरती पर बोझ नहीं में 

दुनिया को समझाओ न पापा ॥


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