माँ
माँ
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ईश्वर को मैनें देखा नहीं
पर सुना है
उसका नाम माँ है
माँ तू ईश्वर है या
धरती पर अवतार
तेरी इबादत करूँ
या तुझे प्रेम करूँ
तू है मेरी पहचान
तेरे अंश का बीज
और कतरा-कतरा
रक्त से अपने
सींचा है तूने मुझे
नौ महीने
गर्भ में रख कर
हर पल मुझे
संभाला है
जो मेरा अक्स
दर्पण दिखलता है
इस ज़िस्म का ऋण
ताउम्र नहीं चुका पाऊंगी
सिर्फ एक गुजारिश है
एक बार मेरी खुशी में
हमसफर बन जाओ
ज़िन्दगी ज़न्नत
तुम सुन्नत
माँ एक बार
मेरी माँ बन जाओ।
