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Neelam Saroj

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Neelam Saroj

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मां शेरावाली

मां शेरावाली

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आ गयी है मां शेरावाली 

महिमा जग में जिनकी निराली ।


 लाल चुनरी ओढ़े है मैया

हस्त कपाल ले चले भैरो भैया।


हाथ त्रिशूल और शेर सवारी

कुञ्चित केश,आंखे कजरारी।


मुख मण्डल पे सूरज की लाली

नथ, गजरा,झुमका है आली ।


हार गले औ माथे पे बिंदिया

प्यारी लगे है,मां की मुरतिया ।

 

विपत्ति पड़ी जब भक्तों पर

आ जाये मां नव रूप रचकर।


दुख पीड़ा सब हर लेती है

सुख सम्पदा सबको देती है।


शुंभ-निशुंभ तुम असुर संहारे

रौद्र रूप धर महिषासुर मारे।


आदिशक्ति मां जगदम्बा की

सिंहवाहिनी जय चामुंडा की।


महिमा तेरी निशदिन हम गाते हैं

दर पे आके तेरे,शीश नवाते हैं।।


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