STORYMIRROR

Neelam Saroj

Others

4  

Neelam Saroj

Others

मां शेरावाली

मां शेरावाली

1 min
40


आ गयी है मां शेरावाली 

महिमा जग में जिनकी निराली ।


 लाल चुनरी ओढ़े है मैया

हस्त कपाल ले चले भैरो भैया।


हाथ त्रिशूल और शेर सवारी

कुञ्चित केश,आंखे कजरारी।


मुख मण्डल पे सूरज की लाली

नथ, गजरा,झुमका है आली ।


हार गले औ माथे पे बिंदिया

प्यारी लगे है,मां की मुरतिया ।

 

विपत्ति पड़ी जब भक्तों पर

आ जाये मां नव रूप रचकर।


दुख पीड़ा सब हर लेती है

सुख सम्पदा सबको देती है।


शुंभ-निशुंभ तुम असुर संहारे

रौद्र रूप धर महिषासुर मारे।


आदिशक्ति मां जगदम्बा की

सिंहवाहिनी जय चामुंडा की।


महिमा तेरी निशदिन हम गाते हैं

दर पे आके तेरे,शीश नवाते हैं।।


Rate this content
Log in