कविता और कवि
कविता और कवि
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अज्ञानी कहते अपने आप को
लिखते ज्ञान की बात
कविताएँ है जीवन का सार
कह जाती है मुश्किल से मुश्किल बात
बदलती जीवन हजारों का
कमाल है इनको सजाने वाले का
कुछ तो है लिखने वालों में
सुनहरे हीरे है इस पावन धरा पे
देने चले हम भी योगदान
सरस्वती माँ देना वरदान
कलम प्रेमियों की है ये शाम
उनको हमारा कोटि कोटि प्रणाम
पाकर आपको धन्य है पूरा संसार
