कविता और कवि
कविता और कवि
1 min
131
अज्ञानी कहते अपने आप को
लिखते ज्ञान की बात
कविताएँ है जीवन का सार
कह जाती है मुश्किल से मुश्किल बात
बदलती जीवन हजारों का
कमाल है इनको सजाने वाले का
कुछ तो है लिखने वालों में
सुनहरे हीरे है इस पावन धरा पे
देने चले हम भी योगदान
सरस्वती माँ देना वरदान
कलम प्रेमियों की है ये शाम
उनको हमारा कोटि कोटि प्रणाम
पाकर आपको धन्य है पूरा संसार
