कुछ रिज़ाॅल्यूशन्स
कुछ रिज़ाॅल्यूशन्स
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वीडीयो है चैनल मेरा उसको थोड़ा और बढ़ाया
अपनी कुछ कविताओं को पत्थर पत्रिका में छपवाया
कहां कमी है जांचा परखा अपनी कला को और निखारा
तारीफों को पीछे रखकर पहले आलोचना को स्वीकारा
पूरे हुए, कुछ रहे अधूरे कुछ तो शुरू भी ना कर पाई
उनको फ़िर पूरा करने का संकल्प लिया मैंने दोबारा।
