कुछ रिज़ाॅल्यूशन्स
कुछ रिज़ाॅल्यूशन्स
1 min
204
वीडीयो है चैनल मेरा उसको थोड़ा और बढ़ाया
अपनी कुछ कविताओं को पत्थर पत्रिका में छपवाया
कहां कमी है जांचा परखा अपनी कला को और निखारा
तारीफों को पीछे रखकर पहले आलोचना को स्वीकारा
पूरे हुए, कुछ रहे अधूरे कुछ तो शुरू भी ना कर पाई
उनको फ़िर पूरा करने का संकल्प लिया मैंने दोबारा।
