Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Asha Jakar

Children Stories

4  

Asha Jakar

Children Stories

कृषकःव्यथा

कृषकःव्यथा

1 min
213



जागो रे भैया जागो रे 

खेत में हल चलाओ रे


माटी को महकाते हम 

धरती को हर्षाते हैं हम 

जन क्षुधा का ध्यान रख

श्रम -बिंदु बहाते हैं हम 

कर्म ही हमारा जीवन है 

फसल ही हमारा धन है।।


खेत जोतते बीज रोपते

श्रमजल से सिंचित करते 

गर्मी में हम तपते रहते 

वर्षा में भी हंसते रहते 

श्रम ही हमारा जीवन है 

फसल ही हमारा धन है।।


जग का पोषण करने वाले

 मन के हैं हम भोले-भाले 

आंधी हो या फिर तूफान 

नहीं रुकेगा हमारा आह्वान 

कृषि ही हमारा जीवन है 

फसल ही हमारा धन है।।


सबके लिए हमअन्न उगाते 

फिर भी रूखा- सूखा खाते 

दर्द के आंसू पीते हैं हम 

अभावों में ही जीते हैं हम

परोपकार हमारा जीवन है

फसल ही हमारा धन है।।


सदा कर्ज में हम डूबे रहते 

फिर भी अन्न उगाते रहते 

चाहे खुद भूखे रह जाएं 

जनहित की चिंता करते 

अन्न दान हमारा जीवन है 

फसल.ही हमारा धन है।।


अन्नदाता कहलाते हैं हम

भाग्य विधाता कहलाते हम

फिर भी कोई चाह नहीं है 

मन में आह -कराह नहीं है 

मानव सेवा ही जीवन है  

फसल ही हमारा धन है।।


 



Rate this content
Log in