कलम
कलम
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बचपन का जो ख्वाब था, आया
पेेंसिल के जो बाद था, आया।
उसके संग चलूूं जहां तक
एक पल मन में वो विचार भी आया।।
जब बीते कुछ पल बचपन के
जवानी का जो एक दौर साआया ।
करियर की बात ये सोचकर
ऑनलाइन हमने दौड़ लगाई।।
अंतर्जाल में जब उलझे हम
बचपन का वो ख्वाब याद आया।
तब कलम उठाकर फिर से हमने
कुछ सुकून दिलों में संजोया ।।
