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राही अंजाना

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राही अंजाना

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किताबी पन्ने

किताबी पन्ने

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किताब के हर इक पन्ने पर

मेरी कहानी होगी,

ख़ामोशी से बहुत बोलती

मेरी ज़िंदगानी होगी, 


पढ़ेंगे पढ़ कर जोड़ेंगे

सब खुद से मुझको ऐसे,

के आँखों में साफ़ झलकती

मेरी जवानी होगी, 


बेरंग आयत पर जब कभी

कलम चलानी होगी,

रंग से भरी तस्वीरों से

पहचान मेरी करानी होगी॥


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