STORYMIRROR

pooja bharadawaj

Others

4  

pooja bharadawaj

Others

किसे लिखूं

किसे लिखूं

1 min
292

किसे लिखूं क्या कहूं

अनकहे शब्दों की किताब मेरे अंदर है

वो किसे पढ़ने को कहूं मैं


अपने अल्फाज़ जिसके 

लोगों ने मायने बदल दिए,

उनके मतलब किसे लिखूं मैं..


एक किताब जो पूरी होते हुए,

भी अधूरी सी है

किसको वो किताब पढ़ने को कहूं मैं


अभी कोरे कागज बाकी है

कैसे इन पन्नों को भरूं मैं

थमी से ये धरा,ये आसमान है

कैसे अपने शब्दों से हलचल करूं मैं

अपनी अनसुलझी पहेली को,

किसे सुलझाने को कहूं मैं


कोई तो दे मेरे सवालों का जवाब

अनकहे शब्दों की क़िताब को

किसे पढ़ने को कहूं मैं।


Rate this content
Log in