STORYMIRROR

Aafreen Deeba

Children Stories Horror Children

4  

Aafreen Deeba

Children Stories Horror Children

कई साल बड़ी हूँ

कई साल बड़ी हूँ

1 min
314

बरसों मैं ज़माने के हवादिस से लड़ी हूँ

यूँ उम्र से अपनी मैं कई साल बड़ी हूँ


हर बज़्म की तक़्मील मेरे बिन है अधूरी

क्यूँ लोग समझते हैं के कमज़ोर कड़ी हूँ


सूरज भी जहाँ पाँव के नीचे नज़र आये

मैं अज़्म की कुछ ऐसी बुलंदी पे खड़ी हूँ


तक़्दीर ने जो भी दिया उस पर रही शाक़ीर

ख़्वाहिश है कोई और न किसी ज़िद्द पे अड़ी हूँ


दीबा  है  मेरा   नाम   मेरे  रुप   कई   हैं 

हूँ  धूप कहीँ और कहीँ सावन की झड़ी हूँ


Aafreen Deeba


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन