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Dr. Akshita Aggarwal

Others

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Dr. Akshita Aggarwal

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खुशियाँ

खुशियाँ

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किसी की मुस्कुराहट छीनने से,

नहीं मिलती खुशियाँ।

किसी को दो बस एक मुस्कुराहट

तो मिलती हैं अपार खुशियाँ।

शब्दों में नहीं आंकी जा सकती खुशियाँ।

छोटी या बड़ी, कैसी भी हो सकती है खुशियाँ।

दोस्ती निभाने से मिलती हैं खुशियाँ।

एक-दूसरे का साथ हो तो मिलती हैं खुशियाँ।

कभी बेची नहीं जा सकती खुशियाँ।

न ही कभी खरीदी जा सकती हैं खुशियाँ।

दिखाने के लिए कोई दिखावा नहीं माँगती खुशियाँ।

बस दिल से दिखाई जा सकती हैं खुशियाँ।

लोगों की आँखों में दिखती हैं खुशियाँ।

आत्मा के अंदर से चमकती हैं खुशियाँ।

मन में प्यार को बढ़ाती हैं खुशियाँ।

परिवार हो साथ तो ही पूरी हैं खुशियाँ।

हर दिशा में, हर कोने में हम ढूँढते हैं खुशियाँ।

मृग की कस्तूरी सी होती हैं खुशियाँ।

हमारे अंदर ही मौजूद होती हैं खुशियाँ।

अपने मन में खोजो तो मिल जाएंगी खुशियाँ।

हर पल में होती हैं खुशियाँ।

अपने हर पल में भर लो खुशियाँ।

कल की चिंता में खो जाती हैं खुशियाँ।

चिता समान चिंता छोड़ो, कहीं नहीं जाएंगी खुशियाँ।

हर चीज में होती हैं खुशियाँ।

हर दिल में होती हैं खुशियाँ।

हर बात, हर याद में होती हैं खुशियाँ।

हर किताब में होती हैं खुशियाँ।

ढूँढने से नहीं मिलती खुशियाँ।

एहसासों से मिलती हैं खुशियाँ।

हर एहसास में जीना सीख लो, जो खुशियाँ।

कभी भी खत्म नहीं होंगी यह खुशियाँ।



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