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काव्य सरिता

काव्य सरिता

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जरूरी नहीं समझती

हर प्रश्न का उत्तर देना,

इसीलिए,

कुछ प्रश्नों को अधूरा छोड़,

आगे बढ़ जाती.....

जिंदगी के हर परीक्षा में,

पास हो जाना ही काफी है,

क्या हुआ जो,

दो-चार प्रश्न छूट गया,

जानती हूँ एक दिन,

इन कठीन प्रश्नों को,

समय स्वयं हल कर देगा,

इसलिए तो कुछ प्रश्नों को,

वक्त के ताख पर रख,

आगे बढ़ जाती हूँ,

और तुम समझते हो,

उत्तर मुझे मालूम नहीं

तो सुनो!

ये जो सुखी जीवन,

जी रहे हो ना!

वो मेरे उत्तर ना देने से,

अगर हर प्रश्न का जवाब देती

तो शायद अब तक,

तुम्हारे साथ ना होती,

इसीलिए कुछ प्रश्न को,

अधूरा ही रहने दो...


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