STORYMIRROR

Kawaljeet GILL

Others

3  

Kawaljeet GILL

Others

काश वो समझ पाते

काश वो समझ पाते

1 min
173

आँखे पथरा जाती है

तेरा इंतज़ार करते करते


वो कहते है हमसे कि

इतने बेदर्द हम क्यों हो गए है


वो नही समझ पाएंगे हमारी मजबूरी 

इसलिए उनके सवाल सुनकर

मुस्कुरा देते है हम


काश वो समझ सकते कि और

भी ग़म है 

जमाने में मोहब्बत के सिवा


हमको भी निभाने है फ़र्ज़ अपने

हमको भी जीनी है अपनी जिंदगी


Rate this content
Log in