STORYMIRROR

Dinesh Dubey

Children Stories

4  

Dinesh Dubey

Children Stories

जुगनू

जुगनू

1 min
291

अंधेरे का ताज है जुगनू 

लोगो का नाज है जुगनू 

घने अंघरे में इसी भरोसे 

चलते थे राहगीर सभी 

सुंदर सितारों सा उड़ते

हर क्षण चारो और ये दिखते 

पर अब तो ये भी भेट चढ़ रहे 

प्रदूषण की मार झेल रहे 

जुगनू अब नज़र न आए 

कुछ दिनों में खतम न हो जाए

अभी भी है वक्त यारो 

इन सभी को हम बचा ले 

प्रदूषण को करना है कम 

वरना हो जायेंगे हम भी कम।



Rate this content
Log in