जननी
जननी
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तूने दिया जीवन तूने संवारा बचपन
अनदेखा किया, हमारा अल्हड़पन,
सजाया ख़ुशियों का आँगन।
ममता, शक्ति व प्रेम का तू है सागर
मकान को तूने बनाया घर।
द्दुख और मुश्किलों से बचाया
जीवन का सही पाठ सिखाया
सफलता की सीड़ी पर चढ़ाया।
बसी हुई तू मेरे कण कण में
भगवान से पहले तुझे पूजा हमने।
तेरे नाम से जाने जाते हैं धरती और वतन
हे माँ तुझे शत शत नमन।
