STORYMIRROR

Akanksha Gupta (Vedantika)

Others

3  

Akanksha Gupta (Vedantika)

Others

होली के दिन

होली के दिन

1 min
268

जब तुमने रंग लगाया था,

उस होली के दिन।


इंद्रधनुष उतर आया था,

उस होली के दिन।


लाल रंग में डूबा हुआ,

मेरा प्रेम तेरा सिंदूर।


कह रहा है तुझसे प्रिय,

कभी ना होना मुझसे दूर।


रंग घुली पानी की फुहारें,

जब जब तुझ पर पड़ती थी।


रंगीन लकीरें तब तब तेरे,

तन श्रंगारित करती थी।


नया आयाम पाया था मैने,

उस होली के दिन।


जब तुमने रंग लगाया था,

उस होली के दिन।


इंद्रधनुष उतर आया था,

उस होली के दिन।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन