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Shailaja Bhattad

Others

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Shailaja Bhattad

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होली-5

होली-5

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खुशियों का उदासी पर पहरा है। 

अब जाकर सफेदी पर रंग ठहरा है।

होली से ही हर दर्द सम्भला है। 

जिंदगी का रंग रूप बदला है


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