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Shailaja Bhattad

Others

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Shailaja Bhattad

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होली -1

होली -1

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फाग की मस्ती

छाई बस्ती-बस्ती।

चांदनी बिखरी है।

रंग बिरंगे रंगों से

गलियां निखरी है।

कहीं भाईचारे का रंग, 

तो कहीं बजते ढोल और चंग।

रंगों से रंगा आकाश है।

चांद की कलाओं से छाई बहार है।

आया होली मिलन का त्यौहार है।


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