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बोधन राम निषाद राज

Others

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बोधन राम निषाद राज

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हम तुम

हम तुम

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हम तुम दोनों साथ में, मिल जाये इक बार।

फिर बीतेगी जिंदगी, सुखमय सा संसार।।


ऐसी कोई भी नहीं, जो तुम जैसा होय।

साथ मिला है आपका, फिर क्यों संकट होय।।


रहे सलामत मित्रता, जाने सकल जहान।

हम तुम गर है साथ तो, नहीं मिटेगी शान।।


कितनी सुन्दर वादियाँ, प्यारा सा संसार।

हम तुम होते साथ में, खिल जाते गुलनार।।


आओ हम सब घूम ले, कर ले जीवन सैर।

नहीं मिलेगी जिंदगी, छोड़ो गुस्सा बैर।


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