STORYMIRROR

Ramanpreet -

Others

3  

Ramanpreet -

Others

हौसले

हौसले

1 min
255

हौसलों को कर बुलंद 

चल दिये हम बन मलंग 


अब ज़िंदगी की धूप मिले 

या छाँव प्यार की मिले 

राह पर हम चले चलें 

मंज़िल की प्यास में


कहीं मन में है एक उमंग 

कोई हमसफर भी हो संग


जिससे विचारधारा मिले 

हौसलों को नया सहारा मिले 

ले खुशी का ये कारवां हम चले चलें 

मंज़िल की आस में


जब कुछ करे उम्मीदों को भंग 

कर हौसले से उससे जंग 


जिससे नया दृष्टिकोण मिले

अंतरमन प्रफुल्लित हो खिले

ले भीतर ये रोशनी हम चले चलें

मंज़िल के पास में।


Rate this content
Log in