भूल मत जाना कहींवरना फिर कयामत है,आज़ादी सुरक्षित रखो।बापू की अमानत है। भूल मत जाना कहींवरना फिर कयामत है,आज़ादी सुरक्षित रखो।बापू की अमानत है।
करने को अंकित कुछ अपने निशाँ आज क़लम पुनः मैं उठाता हूँ । करने को अंकित कुछ अपने निशाँ आज क़लम पुनः मैं उठाता हूँ ।
आहिस्ता आहिस्ता पहली दफा हमें भी इश्क हुआ। आहिस्ता आहिस्ता पहली दफा हमें भी इश्क हुआ।
अगर हमे अपना धर्म चुनने का भी अधिकार होता... अगर हमे अपना धर्म चुनने का भी अधिकार होता...
वो लड़की और उसकी दुनिया सब 'ख्वाब' ही तो है ! वो लड़की और उसकी दुनिया सब 'ख्वाब' ही तो है !
मत तो दुहाई अपनी आज़ादी की क्योंकि ये आज़ादी कुछ दशकों बाद बना दी जाती है गले की फांस मत तो दुहाई अपनी आज़ादी की क्योंकि ये आज़ादी कुछ दशकों बाद बना दी जाती है गले की फ...