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Kawaljeet GILL

Others

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Kawaljeet GILL

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दुखों का एहसास

दुखों का एहसास

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जिन बच्चों को गुरु बनकर

वो प्यार की भाषा सिखाती है।

वो ही बच्चे बड़े होकर माँ बाप के सामने

ऊँचे सुर में बात करे तो गलत बात है।


वो माँ ही होती है जो हर दुख

सुख की साथी होती है।

बिना किसी स्वार्थ के अपने हर

फ़र्ज़ बच्चों के प्रति निभाती है।


खुद को भी बेचना पड़ जाए

तो वो सोचती नहीं है।

अपनी माँ की कुर्बानियों पर

कभी भी उंगली ना उठाये।

माँ के दुखों का एहसास तो तब ही होता है

जब हम खुद माँ बाप बनते है।


हम बेवकूफ़ बच्चे माँ के हर प्रेम से

किये काम को उसके हमारे प्रति

फ़र्ज़ कहकर उसको चोट देते है।

माँ अपने बच्चों के दिये हर दुःख हर

पल भुला देती है ये ही उसकी महानता है.....



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