STORYMIRROR

Sunita Katyal

Others

1  

Sunita Katyal

Others

दस्तक

दस्तक

1 min
153

दस्तक देते देते हाथ थक गए

ज़ालिम ने दरवाज़ा खोला ज़रा सा

और बोला, पहचाना नहीं

मैंने आंखों में उसकी झांकते हुए 

अपना पता दिया


उसने अनजान बन कहा

आपको कुछ ग़लतफ़हमी हुई 

मैं सिर झुका कर कर बोली 

शायद, मुझे माफ़ कीजिए

और उसने दरवाज़ा मेरे मुंह पर

ही बंद कर दिया



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन