STORYMIRROR

Abhishu sharma

Children Stories

4  

Abhishu sharma

Children Stories

दस कहानियां

दस कहानियां

1 min
375


            

पूरे दस की टोली ,ये हमजोली ,खाते हिंगोली,

मेले में पहुंचे करते हंसी ठिठोली

कोई नाटा कोई लम्बा ,कोई पतली ,कोई गोली -मोली 

चखकर बन्दर -मदारी के तमाशे का स्वाद और माथे पर आनंद की टीका -रोली  

देख बड़ा सा हिंडोला ,

नो का तो मन डोला पर 

एक का हुआ डर से सब अंदर से खोखला 

सबके बस्ते -रुमाल थामे खड़ा रहा वो एक कोने 

फुलाकर मुँह अकेला ,

कहावत के आंकड़ों ने ली करवट पहली बार

 पड़ा भारी देहले पर नेहला 

अब पूरे नौ की टोली ,

 ओढ़े चोंगा लुत्फ़ का झूले पर 

करते नवरस का श्रृंगार ,बैठे सब ठाट -बाट

ऊटपटांग झूले में होकर सब उलटे -पुल्टे,

 हुए मुस्कान के अनुकूल 

औंधा हुआ बस एक प्रतिकूल ,

जी मचलाकर नहलाया सभी को 

 उसके अमाशय के खनिज पदार्थों की ये भूल

सुलाकर उसे घने पेड़ की छाँव ,

हुए आठ से सात वो महकते चमन के तरुण फूल। 



Rate this content
Log in