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दरो-दीवार
दरो-दीवार
दरो-दीवार
दरो-दीवार
वो है नहीं
इनसे ही तो
करती हूँ
उसकी बातें।
कैसे छोड़ दूँ
मेरे साथी
दरो-दीवार हैं।
कहीं खोल ना दें
प्यार का,
मेरे
ये राज़ सब पर।
बोलती नहीं कुछ
वैसे तो
समझदार हैं II
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