STORYMIRROR

Sanjay kumar Yadav

Others

2  

Sanjay kumar Yadav

Others

धड़कने बढ़ जाती है

धड़कने बढ़ जाती है

1 min
79

है कोई जो आती है मेरे ख़्वाबों में

नाम तो नहीं जानता मैं

लेकिन बस जाती है वो मेरे सांसो में


सुबह सुबह जब वो छत पर आती है

अपने बालो को जब वो सुखाती है


मुस्कुरा कर जब देखती हैं वो मेरी तरफ

मेरे दिल की धड़कने बढ़ जाती है



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन