बसन्त
बसन्त
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अम्बर से उड़ कर भ्रमर धरती पर आता, फूलों की सुगन्ध लेता, कलियों को प्रेम गीत सुनाता।
नहीं लजाए कहने को दिल की ये बात, कलियों में छिप कर के कभी बिताए पुरी रात।
खेतों में भी धान लहलहाई, हर घर में खुशहाली छाई, सबको हो बसन्त की बधाई।
