बसन्त
बसन्त
1 min
202
अम्बर से उड़ कर भ्रमर धरती पर आता, फूलों की सुगन्ध लेता, कलियों को प्रेम गीत सुनाता।
नहीं लजाए कहने को दिल की ये बात, कलियों में छिप कर के कभी बिताए पुरी रात।
खेतों में भी धान लहलहाई, हर घर में खुशहाली छाई, सबको हो बसन्त की बधाई।
