STORYMIRROR

Rani Kumari

Others

3  

Rani Kumari

Others

बसंत की दस्तक

बसंत की दस्तक

1 min
232

ख़ुशियों से चमकी किसानों की अंखियाँ

मन में तो सज गयी आशाओं की दुनिया

बसंती हवा में झूमी खेतों की फलियाँ 

पुष्पित हो इठलायी डालियों पर कलियाँ।


खुशबू से महकी बागों की गलियाँ

सतरंगी परिधान में इतरायी तितलियाँ

मधुरस में डूब भौंरे मनाते हैं रंगरेलियाँ

नवपल्लवों के संग श्यामा करती अठखेलियाँ।


पीत चुनर में खिलखिलायी सारी सहेलियाँ

दिल को लुभाती गुलमोहर की सुर्खियाँ

बसंत की दस्तक से खुली प्रेम की खिड़कियाँ

बढ़ने लगी है अब सांसों की गर्मियाँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन